अमेरिका में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहें हैं। लोगों में भय और आक्रोश है। क्योंकि ट्रंप बाज़ार को पूरी तरह बंद करने के पक्ष में नहीं है। ज्यादातर शक्तिशाली देश ऐसा ही कर रहे हैं। रूस भी इसी राह पर चल रहा है। दुनिया के बहुत सारे देशों ने स्वयं को पूरी तरह बंद कर लिया है। कोरोना के बारे में पूरी और सही जानकारी के साथ-साथ लोगों को मेडिकल सेक्टर में कच्चे माल की सख्त आवश्यकता है। अमेरिका खुद ही इस महामारी से जूझ रहा है तो दूसरों की सहायता कैसे करेगा? चीन में स्थिति लगातार सुधर रही है। वो धीरे धीरे अपना बाज़ार खोल रहा है। चीन के पास कोरोना से सम्बन्धित बहुत सारी जानकारियां हैं। वह पूरी दुनिया को ज्यादातर सेक्टर में कच्चामाल उपलब्ध करवाता है। ऐसे में सारे देश उसी से मदद मागेंगे। वह सबका लीडर बनके उभरेगा। बिना किसी युद्ध के पूरे विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति भी बन सकता है। यही कारण है कि अमेरिका और रूस जैसे देश अपनी बाज़ारों को पूरी तरह बंद करने से कतरा रहे हैं। लेकिन ये जिद पर ज्यादा दिन तक टिक नहीं पायेंगे क्योंकि वहाँ भी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहें हैं। ऐसे में उनके ऊपर भी दबाव रहेगा। अगर ये सारी गणित सही बैठती है भविष्य में तो ट्रंप चिल्ला चिल्लाकर जो कई दिनों से पूरी दुनिया को आगाह कर रहे थे चीन के बारे में, उसे महज़ मज़ाक और जहालत का हिस्सा नहीं माना जायेगा।कहीं ये वायरस वास्तव में किसी षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं है?
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